Advertisment

योर रॉयल हाई नेस मरहबा बिकुम अलैकुम

  • Fri, 01 Mar 2019
  • National
  • Saleem Khilji

19 फरवरी को "एमबीएस" के नाम से मशहूर, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान, दो दिन की राजकीय यात्रा पर भारत आए. 20 फरवरी को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सम्बोधन के दौरान सऊदी अरब के सुल्‌तान शाह सलमान को 2 बार "हिज मैजेस्टी" और क्राउन प्रिंस को 8 बार "रॉयल हाइनेस" कहा. उन्होंने सऊदी अरब के शाही परिवार को राजसी आदर देने में पूरी दरियादिली दिखाई. पढ़िये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा भाषण.

अरबी अंदाज़ में स्वागत

योर रॉयल हाइनेस मुहम्मद बिन सलमान बिन अब्‌दुल अज़ीज़ अल सऊद ! मरहबा बिकुम्‌ अलैकुम्‌ !

फ्रेण्ड्‌स ! भारत में उनके पहले राजकीय दौरे पर, रॉयल हाइनेस और उनके डेलिगेशन का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत और सऊदी अरब के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सम्बंध सदियों पुराने हैं और ये सदैव सौहार्द्रपूर्ण और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। हमारे लोगों के बीच के घनिष्ठ और निकट सम्पर्क, हमारे देशों के लिये एक सजीव सेतु यानी लिविंग ब्रिज हैं।

हिज मैजेस्टी की और रॉयल हाइनेस आपकी, व्यक्तिगत रुचि और मार्गदर्शन से, हमारे द्विपक्षीय सम्बंधों में और भी प्रगाढ़ता, मधुरता और शक्ति आई है। आज 21वीं सदी में, सऊदी अरब, भारत के सबसे मूल्यवान "स्ट्रेटेजिक पार्टनर्स" में से है। यह हमारे विस्तृत पड़ौस में से है, एक करीबी दोस्त है और भारत की ऊर्जा-सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।

सामरिक साझेदारी पर ज़ोर

2016 में सऊदी अरब की मेरी यात्रा के दौरान, हमने अपने सम्बंधों को, विशेष रूप से ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में, कई नये आयाम दिये थे। आपसे अर्जेण्टीना में दो माह पहले हुई मुलाकात के परिणामस्वरूप सुरक्षा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के सार ने नया विस्तार लिया है। मुझे खुशी है कि आपके सुझाव की रूपरेखा के अनुसार हम द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल की स्थापना के लिये सहमत हुए हैं। इनसे हमारे सम्बंधों को मज़बूती, गति और प्रगति का लाभ मिलेगा।

सऊदी निवेश का स्वागत

फ्रेण्ड्‌स ! आज हमने द्विपक्षीय सम्बंधों के सभी विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। हमने अपने आर्थिक सहयोग को ऊँचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया है। हमारे अर्थतंत्र में सऊदी अरब से संस्थागत निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिये हम एक ढांचा स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। मैं भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर में सऊदी अरब के निवेश का स्वागत करता हूँ।

योर रॉयल हाइनेस ! आपके "विज़न 2030" और आपके नेतृत्व में हो रहे आर्थिक सुधार, भारत के प्रमुख कार्यक्रमों जैसे "मेक इन इंडिया", "स्टार्टअप इंडिया" के पूरक हैं। हमारे ऊर्जा सम्बंधों को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में तब्दील करने का समय आ गया है।

दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी और स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व में सऊदी अरब की भागीदारी हमारे ऊर्जा सम्बंधों को "बायर-सेलर रिलेशन" से बहुत आगे ले जाती है। हम अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अपने सहयोग को मज़बूत करने पर सहमत हुए हैं। हम इण्टरनेशनल सोलर एलायंस में सऊदी अरब का स्वागत करते हैं। परमाणु ऊर्जा के शान्तिपूर्ण उपयोग, विशेष रूप से वाटर डिसएलिनेशन और स्वास्थ्य के लिये हमारे सहयोग का एक और आयाम होंगे। विशेषकर अपने स्ट्रेटेजिक वातावरण के संदर्भ में हमने आपसी रक्षा सहयोग को मज़बूत करने और विस्तार करने पर भी सफल चर्चा की है।

सऊदी नागरिकों के लिये ई-वीज़ा सुविधा का विस्तार

पिछले साल भारत, सऊदी अरब में प्रतिष्टित "जनाद्रिया समारोह" में गेस्ट ऑफ ऑनर था। आज हमने अपने सांस्कृतिक सम्बंधों को और मज़बूत करने का लक्ष्य रखा है। व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सऊदी अरब के नागरिकों के लिये "ई-वीज़ा" का विस्तार किया जा रहा है। भारतीयों के लिये हज कोटे में वृद्धि के लिये हम हिज मैजेस्टी और रॉयल हाइनेस के बहुत आभारी हैं। 2.7 मिलियन भारतीय नागरिकों की सऊदी अरब में शान्तिपूर्ण और उपयोगी उपस्थिति हमारे बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। रॉयल हाइनेस ने सऊदी अरब की प्रगति में उनके सकारात्मक योगदान की प्रशंसा की है। आपने हमेशा उनकी भलाई का खयाल रखा है। इसके लिये उनका आभार और दुआएं हमेशा-हमेशा आपके साथ हैं।

पाकिस्तान का नाम लिये बिना पुलवामा हमले का ज़िक्र

फ्रेण्ड्‌स! पिछले हफ़्ते पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला, इस मानवता-विरोधी खतरे से दुनिया पर छाए कहर की एक और क्रूर निशानी है। इस खतरे से प्रभावशाली ढंग से निबटने के लिये हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन दे रहे देशों पर, सभी सम्भव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है। आतंकवाद का इन्फ्रास्ट्रक्चर नष्ट करना, इसको समर्थन समाप्त करना, आतंकवादियोंऔर उनके समर्थकों को सज़ा दिलाना बहुत ही ज़रूरी है। साथ ही अतिवाद के खिलाफ सहयोग और इसके लिये एक मज़बूत कार्ययोजना की भी ज़रूरत है ताकि हिंसक और आतंकी ताकतें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सके। मुझे खुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं।

पश्चिम एशिया और खाड़ी में शान्ति, साझा हित

फ्रेण्ड्‌स ! पश्चिम एशिया और खाड़ी में शान्ति और स्थिरता सुनिश्चित करने में हमारे दोनों देशों के साझा हित हैं। आज हमारी बातचीत में इस क्षेत्र में कार्यों में तालमेल लाने में और हमारी भागीदारी को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर सहमति हुई है। हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि काउंटर-टेररिज्म, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और मज़बूत द्विपक्षीय सहयोग, दोनों देशों के लिये लाभप्रद होंगे।

योर रॉयल हाइनेस ! आपकी यात्रा ने हमारे रिश्तों के तेज़ विकास को एक नया आयाम दिया है। मैं एक बार फिर हमारे निमंत्रण को स्वीकार करने के लिये रॉयल हाइनेस का शुक्रिया अदा करता हूँ। मैं उनके और प्रतिनिधि मण्डल के सभी सदस्यों की भारत में सुखद प्रवास की कामना भी करता हूँ। बहुत-बहुत धन्यवाद ! (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का हूबहू ट्रांसलिटरेशन)

More in this..