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कौन है ईवीएम हैकिंग करने वाला सैयद शुजा?

  • Fri, 01 Feb 2019
  • National
  • Adarsh Muslim Beuro

21 जनवरी 2019, लंदन में आयोजित "ईवीएम हैक्थॉन" कार्यक्रममें एक साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनावों में ईवीएक "हैक" की गई थी जिसकी मदद से बीजेपी सत्ता में आई. हैकर का यह भी दावा था कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुण्डे इस हकीकत को जानते थे, इसलिये उनकी हत्या करवा दी गई. साइबर एक्सपर्ट के इस दावे के बाद देश में ईवीएम की प्रामाणिकता को लेकर एक बार फिर बयानबाज़ी शुरू हो गई. इस रिपोर्ट में हम बता रहे हैं कि भारत में ईवीएम हैक करने का दावा करने वाला सैयद शुजा कौन है?

इण्डियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (IJA) द्वारा लंदन में आयोजित हैक्थॉन के दौरान इस कथित साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया था कि वह ईवीएम डिजाइन टीम का सदस्य था और वो भारत में इस्तेमाल हो रही ईवीएम को हैक कर सकता है। शुजा ने यह भी दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में धांधली हुई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस को खत लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की, जिस पर संसद मार्ग थाने ने एफआईआर दर्ज कर ली। ऐसे में यह जानना ज़रूरी है कि आखिर ईवीएम पर सवाल खड़े करने वाला सैयद शुजा कौन है और उसका भारत से क्या कनेक्शन हैै?

इण्डियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (IJA) यूरोप द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों के अनुसार सैयद शुजा को मार्च 2018 में अमेरिका में शरण मिली थी। IJA ने ही 21 जनवरी को लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। सैयद शुजा के दस्तावेज में उसका नाम सैयद हैदर अहमद है और जन्म की तारीख 4 अप्रैल 1983 लिखी हुई है। IJA के कुछ अन्य दस्तावेजों में शुजा के जन्म की तारीख 4 अप्रैल 1981 लिखी है।

EVM बनाने वाली कंपनी से कनेक्शन क्या है?

दस्तावेज के मुताबिक डलास में यूएस इमिग्रेशन कोर्ट के जरिए 1 मार्च 2018 को अमेरिका के इमिग्रेशन एण्ड नेशनैलिटी एक्ट के सेक्शन 208 के तहत शुजा को अनिश्चित काल के लिए शरण दी गई थी। शुजा ने कुछ और कागजात IJA को दिए हैं, जिससे पता चलता है कि वह Win Solutions के पेरोल पर था और ECIL में पोस्टेड था । शुजा का दावा है कि उसने कई जगहों पर काम किया और ज़्यादातर समय वह ECIL के मुख्यालय सनत नगर (हैदराबाद) में रहा। आपको बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) कंपनी ही चुनाव आयोग के लिए ईवीएम बनाती है ।

टीममेट्‌स की हत्या का दावा
शुजा ने दस्तावेजों के जरिए आरोप लगाया है कि हैदराबाद के पास उप्पल इलाके में एक गेस्ट हाउस में उसके 11 साथियों की हत्या कर दी गई थी। उसका दावा है कि वह गेस्ट हाउस बीजेपी के पूर्व विधायक जी. किशन रेड्डी के ब्रदर-इन-लॉ "काकी रेड्डी" का है और वह हत्या के समय वहां मौजूद थे। हालांकि किशन रेड्डी ने एक ट्‌वीट में इन आरोपों से साफ इन्कार किया है। उन्होंने लिखा, "मेरा नाम ईवीएम हैकिंग विवाद में बेवजह उछाला जा रहा है। सभी आरोप मनगढ़ंत और आधारहीन हैं। पूरी कहानी झूठ के आधार पर गढ़ी गई है, जिसे दिल्ली में कांग्रेस के लोगों ने लिखी है, जो नाकाम रहेगी।"

घर में आग, मां-बाप की हत्या
इतना ही नहीं, शुजा का आरोप है कि 17 मई 2014 को उसके घर में आग लगा दी गई थी और इसके पिता यूसुफ अहमद और मां कुदसिया सैयदा मारे गए थे। शुजा के मुताबिक उसके पिता यूसुफ ने 2006 तक BEL के साथ काम किया था। वहीं, ECIL ने ईवीएम हैक करने का दावा करने वाले सैयद शुजा के इस दावे को खारिज कर दिया है कि उसने 2009 से 2014 के बीच कंपनी में काम किया था। ईसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय चौबे ने उपचुनाव आयुक्त सुदीप जैन को लिखे पत्र में कहा कि कंपनी के पुराने रेकॉर्ड की जांच में पाया गया है कि 2009 से 2014 के दौरान शुजा कंपनी का न तो नियमित कर्मचारी था और न ही ईवीएम के डिजाइन और डिवेलपमेंट से जुड़े किसी काम में उसकी भूमिका थी । सच्चाई क्या है? शायद चुनावों के बाद सामने आएगी।

 

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